जिंदगी तेरी कहानी समझ नहीं आती
खवाब आते हैं तो नींदे नहीं आती !
हवाओ से समां बचाते बहुत जले हैं ये हाथ
महदी अब इन हतेलियो पर कोई रंग नहीं लाती !
नासमझी के कुछ सवाल आज भी वही हैं
क्यों चंद बूंदे भी समंदर से सहरा नहीं आती !
काफिले बहुत डरते हैं लूटेरो से यहाँ
समां अब तमाम रात यहाँ जलाई नहीं जाती !
वो बदलो के टुकडो में तो ढूँढता है खवाब
बारिस के बूंदों में जिंदगी नजर नहीं आती !
आज शाम से ही वो चुपचाप बैठा है
मका की आखरी दीवार उससे गिराई नहीं जाती !
रास्ता मुकदर का वो आज फिर छोड़ आया है
लाशो पे इमारत उससे बनाई नहीं जाती !
रात भर वो बच्चो को सुनाता रहा कहानियाँ
बाज़ार से रोटी, उसे चुरानी नहीं आती !
गुलदान के फूल बदलना वो अक्सर भूल जाता है
उसे खुशियाँ, आज भी, गले लगानी नहीं आती !
बड़े लोगो से वो अक्सर फ़ासला रखता है
दुनियादारी उसे आज भी निभानी नहीं आती !!
खवाब आते हैं तो नींदे नहीं आती !
हवाओ से समां बचाते बहुत जले हैं ये हाथ
महदी अब इन हतेलियो पर कोई रंग नहीं लाती !
नासमझी के कुछ सवाल आज भी वही हैं
क्यों चंद बूंदे भी समंदर से सहरा नहीं आती !
काफिले बहुत डरते हैं लूटेरो से यहाँ
समां अब तमाम रात यहाँ जलाई नहीं जाती !
वो बदलो के टुकडो में तो ढूँढता है खवाब
बारिस के बूंदों में जिंदगी नजर नहीं आती !
आज शाम से ही वो चुपचाप बैठा है
मका की आखरी दीवार उससे गिराई नहीं जाती !
रास्ता मुकदर का वो आज फिर छोड़ आया है
लाशो पे इमारत उससे बनाई नहीं जाती !
रात भर वो बच्चो को सुनाता रहा कहानियाँ
बाज़ार से रोटी, उसे चुरानी नहीं आती !
गुलदान के फूल बदलना वो अक्सर भूल जाता है
उसे खुशियाँ, आज भी, गले लगानी नहीं आती !
बड़े लोगो से वो अक्सर फ़ासला रखता है
दुनियादारी उसे आज भी निभानी नहीं आती !!

1 comment:
wah wah... :)sim
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